जी चाहता है..

जी चाहता है तेरी धड़कनो में उलझ जाऊ,
कैसे भी हो बस तेरे दिल तक चला जाऊ..||

Jee chahta hai teri dhadkno mein ulajh jau,
Kaise bhi ho bas tere Dil tak chla jau..

उसको पाना मेरी ज़िन्दगी..

उसको पाना मेरी ज़िन्दगी का वो ख्वाब है,
जिसकी मंज़िल ही नहीं रास्ता भी खराब है..!!
हंसी से मेरे दर्द का अंदाज़ा मत लगाना,
इस दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है .. !!

Usko panaa meri Zindagi ka wo Khwaab hai,
jiski Manzil hi nahi rastaa bhi Khraab hai.
Hansi se mere Dard ka Andaaza mat lgana,
is Dil ka har Pannaa Dard ki Kitaab hai…

एक परवाह ही..

एक परवाह ही बताती है कि ख्याल कितना है वरना कोई तराज़ू नहीं होता रिश्तो में..
Ek Parwaah hi btati hai ki Khyal kitna hai warna koi Trazoo nahi hota hai Rishto mein..

कसूर तो बहुत किये..

कसूर तो बहुत किये हैं ज़िन्दगी में पर सज़ा वंहा मिली जहाँ बेकसूर थे..
Kasoor to bahut kiye hain Zindagi mein par sazaa wahaa mili janha Beksoor the…

हसरतें मिट गई सारी..

हसरतें मिट गई सारी पर दिल को चैन ना आया..
तलब थी जिससे मिलने की अफ़सोस उसे मेरा ख्याल भी नहीं आया..

Hasrtein mit gai sari par dil ko Chain na aya..
Talab thi jisse milne ki Afsos use mera khyal bhi nahi aya..

रो कर मांग लिया..

रो कर मांग लिया करो अपने रब्ब से,
वो अपने बन्दों की आँखों में आंसू देख नहीं सकता..

Ro kar Maang liya karo apne Rabb se,
Wo Apne Bando ki Ankhon mein Aansu dekh nahi skta..

कभी कभी ..

कभी कभी खुद के लिए भी जीने की इच्छा होती है,
पर ज़िम्मेदारियाँ उतना भी वक़्त नहीं देती है.. !!

Kabhi Kabhi Khud ke liye bhi jeene ki Ichha hoti hai,
Par Zimmedariyan utna bhi waqt nahi deti hai..

चाह कर भी..

चाह कर भी उनका हाल नहीं पूछ सकते,
डर है कंही कह ना दे की यह हक़ तुम्हे किसने दिया..

Chaah kar bhi unka haal nahi poochh skte,
Darr hai kanhi keh na de ki yeh haq tumhe kisne diya..

दिल से…

दिल से परवाह करने वाले, जुबां से ज़ाहिर नहीं करते..
Dil se Parwaah karne wale, Zubaan se Zahir nhi karte..