हम किसी शख्स से..

हम किसी शख्स से तब तक लड़ते हैं,
जब तक उससे प्यार की उम्मीद होती है..
जिस दिन वो उम्मीद ख़तम हो जाती है,
उस दिन लड़ना भी खत्म हो जाता है..||

Hum kisi Shakhs se tab tak ladte hain,
Jab tak usse pyar ki ummeed hoti hai..
Jis din wo ummeed khatam ho jati hai,
Us din Ladna bhi khatam ho jata hai..

5 Heart Touching Breakup Shayari Collection

क़िस्मत के हाथो वो ही मजबूर होते हैं
जो हक़ीक़त से बहुत दूर होते हैं
अक्सर मिलती है सज़्ज़ा उनको
जो हर तरफ से बेकसूर होते हैं

 

हम मिट्टी के आशियाने बनाते गए
बना बना कर फिर उन्हे गिराते गए
कोई हमें अपना न बना स्का
और हम हर किसी को अपना बनाते गए

 

मुक़द्दर से लड़ स्कू यह मेरी औकात नहीं
मैं वो शख्स हु खुदा जिसके साथ नहीं
वक़्त आएगा तो कह देंगे खुदा से
मेरा मुक़द्दर लिखना तेरे बस की बात नहीं

 

चाहते हैं जिन्हे अब उनके दिल बदल गए
समंदर गहरे है तो साहिल बदल गए
क़तल ऐसा हुआ टुकड़ो में मेरा
कभी बदले खंजर तो कभी क़ातिल बदल गए

 

मुझसे मेरे गुनाहो का हिसाब ना मांग मेरे खुदा
मेरी तकदीर लिखने में कलम तेरी ही चली है

कसूर तो बहुत किये..

कसूर तो बहुत किये हैं ज़िन्दगी में पर सज़ा वंहा मिली जहाँ बेकसूर थे..
Kasoor to bahut kiye hain Zindagi mein par sazaa wahaa mili janha Beksoor the…

चाह कर भी..

चाह कर भी उनका हाल नहीं पूछ सकते,
डर है कंही कह ना दे की यह हक़ तुम्हे किसने दिया..

Chaah kar bhi unka haal nahi poochh skte,
Darr hai kanhi keh na de ki yeh haq tumhe kisne diya..

फिर नहीं बसते..

फिर नहीं बसते वो दिल, जो एक बार टूट जाये..
कब्रें कितनी भी संवारो, ज़िंदा नहीं होती..

Fir nahi baste wo Dil, jo ek bar toot jaye..
Kabrein kitni bhi snwaro, Zinda nahi hoti..

अगर तुम जाने ही लगे हो..

अगर तुम जाने ही लगे हो तो पलट कर मत देखना,
क्योंकि मौत की सज़ा लिखने के बाद कलम तोड़ दी जाती है..

Agar tum jane hi lage ho to palat kar mat dekhna,
kyonki maut ki sazaa likhne ke bad kalam tod di jati hai..

ज़िन्दगी में मज़िले..

ज़िन्दगी में मज़िले मिल ही जाती है.. बस वो लोग नहीं मिलते, जिन्हे इस दिल ने चाहा..
Zindagi mein mazile mil hi jati hain.. bas wo log nahi milte, jinhe is dil ne chahaa..

नजाने क्यों आते हैं..

नजाने क्यों आते हैं, ज़िन्दगी में ऐसे लोग..
वफ़ा कर नहीं सकते पर, वादे हज़ार करते हैं..

Najane kyon aate hain, Zindagi mein aise log..
Waffa kar nahi skte par, Waade hzaar karte hain..