हादसे इंसान के संग..

हादसे इंसान के संग मसखरी करने लगे..
लफ़ज़ कागज़ पर उतर जादूगरी करने लगे..
कामयाबी जिसने पाई उनके घर तो बास गए..
जिनके दिल टूटे वो आशिक़ शायरी करने लगे…

Haadse Insan ke sang Maskhari karne lage..
Lafaz Kagaz par utar Jadugari karne lage..
Kamyabi jisne pai unke ghar to bass gae..
Jinke Dil toote wo Aashiq Shayari karne lage…

हम किसी शख्स से..

हम किसी शख्स से तब तक लड़ते हैं,
जब तक उससे प्यार की उम्मीद होती है..
जिस दिन वो उम्मीद ख़तम हो जाती है,
उस दिन लड़ना भी खत्म हो जाता है..||

Hum kisi Shakhs se tab tak ladte hain,
Jab tak usse pyar ki ummeed hoti hai..
Jis din wo ummeed khatam ho jati hai,
Us din Ladna bhi khatam ho jata hai..

हारा हुआ सा…

हारा हुआ सा लगता है वजूद मेरा,
हर एक ने लूटा है दिल का वास्ता देकर..

Hara hua sa lagta hai Wajood mera,
Har ek ne loota hai Dil ka wastaa dekar..

मदहोश रहते हैं..

मदहोश रहते हैं, तभी ज़िंदा हैं..
वरना होश में कँहा ज़िन्दगी, रास आती है…???

Madhosh rahte hain, Tabhi Zindaa hain..
Warna Hosh mein kanha Zindagi, Raas aati hai…???

ज़िन्दगी बेरंग बेनूर सी..

ज़िन्दगी बेरंग बेनूर सी क्यों है, ज़िन्दगी की हर ख़ुशी हमसे दूर क्यों है..?
वक़्त बीत जाएगा यूँ ही इंतज़ार में लगता है, आखिर खुदा खुद में इतना मगरूर क्यों है.. ??

Zindagi Berang Benoor si kyon hai, Zindagi ki har Khushi humse Door kyon hai..?
Waqt beet jaega yu hi Intzaar mein lagta hai, Akhir Khuda khud mein itna Magroor kyon hai.. ??

खफा भी रहते हैं..

खफा भी रहते हैं और वफ़ा भी करते हैं,
इस तरह वो अपने प्यार को ब्यान भी करते हैं..
जाने कैसी नाराज़गी है उनको हमसे,
पाना भी नहीं चाहते और खोने से भी डरते हैं..

Khaffa bhi rahte hain or Waffa bhi krte hain,
Is tarah wo apne Pyar ko Byaan bhi karte hain..
Jaane kaisi Narazgi hai unko humse,
Pana bhi nahi chahte or Khone se bhi darte hain..

जी चाहता है..

जी चाहता है तेरी धड़कनो में उलझ जाऊ,
कैसे भी हो बस तेरे दिल तक चला जाऊ..||

Jee chahta hai teri dhadkno mein ulajh jau,
Kaise bhi ho bas tere Dil tak chla jau..

उसको पाना मेरी ज़िन्दगी..

उसको पाना मेरी ज़िन्दगी का वो ख्वाब है,
जिसकी मंज़िल ही नहीं रास्ता भी खराब है..!!
हंसी से मेरे दर्द का अंदाज़ा मत लगाना,
इस दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है .. !!

Usko panaa meri Zindagi ka wo Khwaab hai,
jiski Manzil hi nahi rastaa bhi Khraab hai.
Hansi se mere Dard ka Andaaza mat lgana,
is Dil ka har Pannaa Dard ki Kitaab hai…

एक परवाह ही..

एक परवाह ही बताती है कि ख्याल कितना है वरना कोई तराज़ू नहीं होता रिश्तो में..
Ek Parwaah hi btati hai ki Khyal kitna hai warna koi Trazoo nahi hota hai Rishto mein..