हमें हद में..

हमें हद में रहना पसंद है और लोग इसे गुरूर समझते हैं…
Hmein Hadh mein rehna Pasand hai aur log ise Guroor smjhte hainn..

जलाये जो चिराग..

जलाये जो चिराग, तो अँधेरे बुरा मान बैठे..
छोटी सी ज़िन्दगी है साहेब, किस-किस को मनाएंगे हम..

Jlaaye jo Chiraag, to Andhere bura maan baithe..
Chhoti si Zindagi hai Saheb, kis-kis ko mnayenge hum..

तनहा सा…

तनहा सा हो गया है, मेरा कमरा आजकल.
एक पंखा बोला करता था, पर अब सर्दियाँ आ गई हैं..

Tanha sa ho gya hai, Mera kamra aajkal.
Ek Pankhaa bola karta tha, Par ab Sardiyan aa gai hain..

ज़रूरते भी..

ज़रूरते भी ज़रूरी हैं, जीने के लिए ..
लेकिन तुझसे ज़रूरी तो, ज़िन्दगी भी नहीं ..

Zrurte bhi Zruri hain, Jeene ke liye..
Lekin tujhse zruri to, Zindagi bhi nahi..

तुम ही हो एक मेरे..

तुम ही हो एक मेरे, दिल को बस यही करार रहा..
लौट आओगे एक दिन तुम, आखरी सांस तक बस तेरा ही इंतज़ार रहा..

Tum hi ho ek mere, Dil ko bas yhi kraar rha..
Laut Aaoge ek din Tum, AKHRI Saans tak bas Tera hi Intzaar rha..

ना पा सकूँ..

ना पा सकूँ, ना भुला सकूँ..
तू मेरी मज़बूरी सा है, तेरे बिना जी रहे हैं..
और जी भी लेंगे, फिर भी तू जरुरी सा है..

Naa Paa Saku, Naa Bhula saku..
Tu meri Majburi sa hai, Tere bina Jee rhe hain..
Aur Jee bhi lenge, Fir bhi tu Jaruri sa hai..

तलाश है एक ऐसे शख्स की..

तलाश है एक ऐसे शख्स की, जो आँखों में उस वक़्त दर्द देखले..
जब दुनिया हमसे कह रही हो, क्या यार तुम हमेशा हस्ते ही रहते हो..

Talash hai ek ese shaks ki, jo ankhon mein us waqt dard dekhle..
Jab Duniya hamse keh rhi ho, kya yar tum hmesha Haste hi rhte ho..

छोड़ देंगे तेरी दुनिया..

छोड़ देंगे तेरी दुनिया को एक रोज़ ए खुदा,
ज़ख़्म दे दे कर किराये की ज़िन्दगी का एहसास ना दिला..

Chhod denge teri duniya ko ek Roz E Khuda,
Zakham de de kar kiraye ki Zindagi ka Ehsas na dila..

जो जैसा है..

जो जैसा है उसे वैसे ही अपना लो, रिश्ते निभाना आसान हो जायेगा..
Jo jaisa hai use waise hi apna lo, Rishte Nibhana Asaan ho jayega..

काश!!! तू इतनी सी..

काश!!! तू इतनी सी मोहब्बत निभा दे, जब भी मैं रूठू तो तू मुझे मना ले …
Kaash!!! tu itni si Mohabbat nibhaa de, Jab bhi main Ruthoo to tu mujhe mnaa le…