कचरे में फेंकी रोटियां

कचरे में फेंकी रोटियां रोज़ ये बयां करती हैं,
की पेट भरते ही इंसान अपनी औकात भूल जाता है..

kachre mein fainki rotiya roz yeh byan karti hain,
ki pait bharte hi Insaan apni Aukaat bhool jata hai..

रास्तों को कदम चाहिए..

रास्तों को कदम चाहिए, कदमों को होंसला चाहिए..
होंसले को ज़िन्दगी चाहिए और ज़िन्दगी को तेरा फैसला..

Rasto ko Kadam chahiye, Kadmo ko Honsla chahiye..
Honsle ko Zindagi chahiye aur Zindagi ko tera Faisla..

ज़मीर ज़िंदा रख..

ज़मीर ज़िंदा रख, कबीर ज़िंदा रख..
सुलतान भी बन जाये तो, दिल में फ़क़ीर ज़िंदा रख..

Zameer Zinda rakh, Kabeer Zinda rakh..
Sulatan bhi ban jaye to, Dil mein Faqeer Zinda rakh..

खाली पन्नो की तरह..

खाली पन्नो की तरह दिन पलटते जा रहे हैं..
खबर नहीं के यह “आ रहे” हैं या “जा रहे” हैं…

Khali Panno ki tarah din Palat te jaa rhe hain..
Khabar nahi ke yeh “aa rahe” hain ya “jaa rahe” hain…

जब कोई इंसान..

जब कोई इंसान दर्द में होता है,
तब वो सबसे ज़्यादा रब्ब के करीब होता है..

Jab koi Insaan Dard mein hota hai,
tab wo sabse zyada Rabb ke kareeb hota hai..

खुला आसमान..

खुला आसमान दे देना इश्क़ है,
कैद कर लेने की ज़िद इश्क़ नहीं..

Khula Asmaan de dena ISHQ hai,
Kaid kar lene ki Zid ISHQ nahi..

सुनो.. !!!

सुनो.. !!! उम्र ना पूछना हमसे कभी,
हम इश्क़ हैं, हमेशा जवान रहते हैं…

Suno.. !!! umar na puchhna hmse kabhi,
Hum ISHQ hain, hmesha Jwaan rhte hain…

कब कौन काम आ जाये..

कब कौन काम आ जाये…..??
आधे रिश्ते तो लोग यही सोच कर निभा रहे हैं..!!

Kab Kaun Kaam aa jaye…..??
aadhe Rishte to log yahi soch kar nibha rhe hain..

हर पल में ख़ुशी देती है माँ..

हर पल में ख़ुशी देती है माँ,
अपनी ज़िन्दगी से जीवन देती है माँ..
भगवन क्या है माँ की पूजा करो जनाब!!!
क्योंकि भगवान को भी जनम देती है माँ..

Har Pal mein khushi deti hai Maa,
Apni Zindagi se Jeevan deti hai Maa..
Bhagwan kya hai Maa ki Pooja karo Jnab!!!
Kyaunki Bhagwan ko bhi janam deti hai Maa..

तुझे चाहते हैं बेइंतहा..

तुझे चाहते हैं बेइंतहा, पर चाहना नहीं आता..
यह कैसी मोहब्बत है, के हमें कहना नहीं आता..
ज़िन्दगी में आ जाओ हमारी ज़िन्दगी बनकर,
के तेरे बिना हमें ज़िंदा रहना नहीं आता..

Tujhe chahte hain Beintaha, Par Chahna nahi ataa..
Yeh kaisi Mohabbat hai, ke hmein kehna nahi ataa..
Zindagi mein aa jao hmari Zindagi bankar,
Ke tere bina hmein Zinda rehna nahi ataa..