जब कोई इंसान..

जब कोई इंसान दर्द में होता है,
तब वो सबसे ज़्यादा रब्ब के करीब होता है..

Jab koi Insaan Dard mein hota hai,
tab wo sabse zyada Rabb ke kareeb hota hai..

खुला आसमान..

खुला आसमान दे देना इश्क़ है,
कैद कर लेने की ज़िद इश्क़ नहीं..

Khula Asmaan de dena ISHQ hai,
Kaid kar lene ki Zid ISHQ nahi..

सुनो.. !!!

सुनो.. !!! उम्र ना पूछना हमसे कभी,
हम इश्क़ हैं, हमेशा जवान रहते हैं…

Suno.. !!! umar na puchhna hmse kabhi,
Hum ISHQ hain, hmesha Jwaan rhte hain…

कब कौन काम आ जाये..

कब कौन काम आ जाये…..??
आधे रिश्ते तो लोग यही सोच कर निभा रहे हैं..!!

Kab Kaun Kaam aa jaye…..??
aadhe Rishte to log yahi soch kar nibha rhe hain..

हर पल में ख़ुशी देती है माँ..

हर पल में ख़ुशी देती है माँ,
अपनी ज़िन्दगी से जीवन देती है माँ..
भगवन क्या है माँ की पूजा करो जनाब!!!
क्योंकि भगवान को भी जनम देती है माँ..

Har Pal mein khushi deti hai Maa,
Apni Zindagi se Jeevan deti hai Maa..
Bhagwan kya hai Maa ki Pooja karo Jnab!!!
Kyaunki Bhagwan ko bhi janam deti hai Maa..

तुझे चाहते हैं बेइंतहा..

तुझे चाहते हैं बेइंतहा, पर चाहना नहीं आता..
यह कैसी मोहब्बत है, के हमें कहना नहीं आता..
ज़िन्दगी में आ जाओ हमारी ज़िन्दगी बनकर,
के तेरे बिना हमें ज़िंदा रहना नहीं आता..

Tujhe chahte hain Beintaha, Par Chahna nahi ataa..
Yeh kaisi Mohabbat hai, ke hmein kehna nahi ataa..
Zindagi mein aa jao hmari Zindagi bankar,
Ke tere bina hmein Zinda rehna nahi ataa..

वो मुझे भूल गया..

वो मुझे भूल गया तो क्या हुआ.. ???
लोग हाथों से दफ़न कर के भूल जाते हैं के कबर कौन सी है..

Wo mujhe bhool gya to kya hua.. ???
log hatho se Dafan kar ke bhool jate hain ke kabar kaun si hai..

पूछा हाल शहर का..

पूछा हाल शहर का तो सर झुका के बोले,
लोग तो ज़िंदा हैं ज़मीरों का पता नहीं..

Poochha hal Shehar ka to Sar jhuka ke bole,
Log to Zinda hain Zameero ka pta nahi..

फिर नहीं बसते..

फिर नहीं बसते वो दिल, जो एक बार टूट जाये..
कब्रें कितनी भी संवारो, ज़िंदा नहीं होती..

Fir nahi baste wo Dil, jo ek bar toot jaye..
Kabrein kitni bhi snwaro, Zinda nahi hoti..

एक दिया उनकी दहलीज़..

एक दिया उनकी दहलीज़ पे भी जला के आना,
सरहद पे रौशन हैं जिनके घर के चराग़ !

Ek Diya Unki Dahleez Pe Bhi Jala Ke Aana,
Sarhad Pe Raushan Hain Jinke Ghar Ke Charaag.