मदहोश रहते हैं..

मदहोश रहते हैं, तभी ज़िंदा हैं..
वरना होश में कँहा ज़िन्दगी, रास आती है…???

Madhosh rahte hain, Tabhi Zindaa hain..
Warna Hosh mein kanha Zindagi, Raas aati hai…???

एक परवाह ही..

एक परवाह ही बताती है कि ख्याल कितना है वरना कोई तराज़ू नहीं होता रिश्तो में..
Ek Parwaah hi btati hai ki Khyal kitna hai warna koi Trazoo nahi hota hai Rishto mein..

रो कर मांग लिया..

रो कर मांग लिया करो अपने रब्ब से,
वो अपने बन्दों की आँखों में आंसू देख नहीं सकता..

Ro kar Maang liya karo apne Rabb se,
Wo Apne Bando ki Ankhon mein Aansu dekh nahi skta..

कभी कभी ..

कभी कभी खुद के लिए भी जीने की इच्छा होती है,
पर ज़िम्मेदारियाँ उतना भी वक़्त नहीं देती है.. !!

Kabhi Kabhi Khud ke liye bhi jeene ki Ichha hoti hai,
Par Zimmedariyan utna bhi waqt nahi deti hai..

हमें हद में..

हमें हद में रहना पसंद है और लोग इसे गुरूर समझते हैं…
Hmein Hadh mein rehna Pasand hai aur log ise Guroor smjhte hainn..

जलाये जो चिराग..

जलाये जो चिराग, तो अँधेरे बुरा मान बैठे..
छोटी सी ज़िन्दगी है साहेब, किस-किस को मनाएंगे हम..

Jlaaye jo Chiraag, to Andhere bura maan baithe..
Chhoti si Zindagi hai Saheb, kis-kis ko mnayenge hum..

ज़रूरते भी..

ज़रूरते भी ज़रूरी हैं, जीने के लिए ..
लेकिन तुझसे ज़रूरी तो, ज़िन्दगी भी नहीं ..

Zrurte bhi Zruri hain, Jeene ke liye..
Lekin tujhse zruri to, Zindagi bhi nahi..

छोड़ देंगे तेरी दुनिया..

छोड़ देंगे तेरी दुनिया को एक रोज़ ए खुदा,
ज़ख़्म दे दे कर किराये की ज़िन्दगी का एहसास ना दिला..

Chhod denge teri duniya ko ek Roz E Khuda,
Zakham de de kar kiraye ki Zindagi ka Ehsas na dila..

जो जैसा है..

जो जैसा है उसे वैसे ही अपना लो, रिश्ते निभाना आसान हो जायेगा..
Jo jaisa hai use waise hi apna lo, Rishte Nibhana Asaan ho jayega..