पूछा हाल शहर का..

पूछा हाल शहर का तो सर झुका के बोले,
लोग तो ज़िंदा हैं ज़मीरों का पता नहीं..

Poochha hal Shehar ka to Sar jhuka ke bole,
Log to Zinda hain Zameero ka pta nahi..

एहसान किसी का..

एहसान किसी का वो रखते नहीं, मेरा भी चुका दिया..
जितना खाया था नमक मेरा, मेरे ज़ख्मो पे लगा दिया..

Ehsaan kisi ka wo rakhte nahi, mera bhi chuka diya..
jitna khaya tha namak mera, mere Zakhmo pe lgaa diya..

इंसान अगर प्यार में पड़े

इंसान अगर प्यार में पड़े, तो गम में पड़ ही जाता है
क्योंकि प्यार किसी को चाहे कितना भी करो, थोड़ा सा तो कम पड़ ही जाता है

Insan agar pyar mein pade, to gum mein pad hi jata hai
kyonki pyar kisi ko chahe kitna bhi karo, thoda sa to kam pad hi jata hai

कभी लेकिन..

कभी लेकिन तो कभी काश में हूँ, मैं शायद अब भी तेरी तलाश में हूँ..
Kabhi lekin to kabhi kash meinhu, Main shayad ab bhi teri talash mein hu.

कैसे कह दूँ ..

कैसे कह दूँ के थक गया हूँ मैं, ना जाने किस-किस का होंसला हूँ मैं..
Kaise keh du ke thak gya hu main, na jane kis-kis ka honsla hu main..

दर्द होता है..

दर्द होता है यह देख कर की, तेरे पास सबके लिए टाइम है.. बस मुझे छोड़ कर…
Dard hota hai yeh dekh kar ki, tere pas sabke liye time hai.. bas mujhe chhod kar..

रात का अँधेरा..

रात का अँधेरा पूछ रहा था, कहाँ गया वो रात भर बात करने वाला…
Raat ka andhera poochh rha tha, kanha gya wo Raat bhar baat krne wala…

ज़िन्दगी में मज़िले..

ज़िन्दगी में मज़िले मिल ही जाती है.. बस वो लोग नहीं मिलते, जिन्हे इस दिल ने चाहा..
Zindagi mein mazile mil hi jati hain.. bas wo log nahi milte, jinhe is dil ne chahaa..

भरे बाजार से..

भरे बाजार से अक्सर खाली हाथ ही लोट आता हूँ,
पहले पैसे नहीं थे अब ख्वाहिशें नहीं रही..

bhare bazaar se aqsar khali hath hi laut ataa hu,
pahle paise nahi the ab khwahishein nahi rhi..