इंसान अगर प्यार में पड़े

इंसान अगर प्यार में पड़े, तो गम में पड़ ही जाता है
क्योंकि प्यार किसी को चाहे कितना भी करो, थोड़ा सा तो कम पड़ ही जाता है

Insan agar pyar mein pade, to gum mein pad hi jata hai
kyonki pyar kisi ko chahe kitna bhi karo, thoda sa to kam pad hi jata hai

कभी लेकिन..

कभी लेकिन तो कभी काश में हूँ, मैं शायद अब भी तेरी तलाश में हूँ..
Kabhi lekin to kabhi kash meinhu, Main shayad ab bhi teri talash mein hu.

दर्द होता है..

दर्द होता है यह देख कर की, तेरे पास सबके लिए टाइम है.. बस मुझे छोड़ कर…
Dard hota hai yeh dekh kar ki, tere pas sabke liye time hai.. bas mujhe chhod kar..

रात का अँधेरा..

रात का अँधेरा पूछ रहा था, कहाँ गया वो रात भर बात करने वाला…
Raat ka andhera poochh rha tha, kanha gya wo Raat bhar baat krne wala…

आओ मिलकर आग लगा दें..

आओ मिलकर आग लगा दें इस महोब्बत को, ताकि फिर ना तबाह हो किसी मासूम की ज़िन्दगी..
Aao milkar aag lga dein is Mahobbat ko, taki fir na tabaah ho kisi masoom ki zindagi..

ज़िन्दगी में मज़िले..

ज़िन्दगी में मज़िले मिल ही जाती है.. बस वो लोग नहीं मिलते, जिन्हे इस दिल ने चाहा..
Zindagi mein mazile mil hi jati hain.. bas wo log nahi milte, jinhe is dil ne chahaa..

उड़ा देती हैं नींदे..

उड़ा देती हैं नींदे कुछ जिम्मेवारियां घर की,
रात भर जागने वाला हर शख्स आशिक़ नहीं होता..

udaa deti hain neendein kuchh Zimmewariyan ghar ki,
rat bhar jagne wala har shakhs Ashiq nahi hota..

उम्र ज़ाया करदी..

उम्र ज़ाया करदी लोगो ने औरों के वजूद में नुक्स निकलते-निकलते,
इतना खुद को तराशा होता तो फ़रिश्ते बन जाते..

umar zaya kardi logo ne auro ke wajud mein nukas nikalte-nikalte,
itna khud ko trasha hota to Farishte ban jate…

खुदा जाने कौन सा ..

खुदा जाने कौन सा गुनाह कर बैठे हैं हम,
तमन्नाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं..

Khuda jane kon sa Gunah kar baithe hain hum,
Tamannao wali umra mein Tajurbe mil rhe hain..